किसी भी काम को मेहनत और समर्पण से किया जाता है तो सफलता को रोका नहीं जा सकता। संघर्ष लंबा हो सकता है, परन्तु एक दिन जरूर सफलता मिलती है, और यही हाल हरियाणा के एक युवा के साथ हुआ जिसने UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल की है.
कभी माँ ने कहा था की बेटा UPSC बहुत बड़े लोगो की परीक्षा है, तू कुछ और छोटे परीक्षा की तैयारी कर ले. लेकिन राहुल को छोटा मंजूर नहीं था और अपने अंतिम प्रयास में UPSC की परीक्षा Clear की और IPS बन कर अपने पुरे गाँव को गौरवांन्वित किया
रोहतक के बहुअकबरपुर गांव में निवास करने वाले राहुल बल्हारा पिछले 5 सालों से लगातार यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे अनेक बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन राहुल ने हार नहीं मानी इसी दृढ़ संकल्प का परिणाम था कि इस बार उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की।
राहुल का रुझान बचपन से ही पहलवाली की तरफ था, वो दूसरे
गावों में कुश्ती की खेलो में भाग लेते और जीताते। उन्होंने ऐसी में अपना कैरियर बनाने की ठान की
थी लेकिन नीयति को कुछ और ही मंजूर था, धीरे धीरे उनको काफी चोटे लग गए जिससे उन्हें
अपनी पहलवानी का सपना छोड़ पढ़ाई में करियर ऑप्शन ढूंढ़ने लगे
राहुल ने 496 AIR हासिल की. राहुल के पिता विजय बल्हारा की कहानी बड़ी प्रेरणा दायक है. वो महज डेढ़ एकड़ जमीन के किसान हैं. उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मजदूरी भी की और आज जब बेटे ने यह मुकाम हासिल किया तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा. विजय बल्हारा के घर लोग बधाई देने के लिए पहुंच रहे हैं
राहुल के माता- पिता ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि एक दिन उनका बेटा अपना लक्ष्य हासिल करेगा, लेकिन चिंता भी थी क्योंकि पिछले कुछ सालों से उनका सफर थोड़ा थमा था. इस बार, राहुल ने पहले ही कह दिया था किउसका चयन पक्का होगा, और उसमें थोड़ी सी हिम्मत भी थी राहुल की मां याद करती हैं कि उनकी बचपन में पढ़ाई में रूचि नहीं थी, और जब उन्होंने स्कूल छोड़ा, तो वो रोते हुए स्कूल जाते थे लेकिन बाद में उनकी सच्चाई ने सबको चौंका दिया, जिसे किसी ने भी सोचा नहीं था।
राहुल के पिताजी ने कहा है कि उनके बेटे ने सपने पूरे कर दिए हैं। अब वह बिलकुल निश्चिंत हैं। उन्होंने पूरे गांव का नाम रोशन किया है।


Inspiring story of Rahul sir.
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